आज कौनसी एकादशी है? Which Ekadashi is Today and it's Important | 17/09/2021 | Ekadashi Date, time and Significance - Today ekadashi

आज कौनसी एकादशी है? Which Ekadashi is Today?

आज कौनसी एकादशी है? Which Ekadashi is Today and it's Important | 18/08/2021 | Ekadashi Date, time and Significance - Today ekadashi

जय श्री कृष्ना, भक्तो, पिछली अजा एकादशी का व्रत हमने श्रद्धा पूर्वक किया। अब भक्तो हम आने वाली एकादशी या आज कौनसी एकादशी है? (Which Ekadashi is Today?) के बारेमे पूरी जानकारी देने जा रहे है, जिनमे एकादशी की तारीख, वार, पारणा समय और एकादशी के दिन सूर्योदय समय और ब्रह्म मुहूर्त के बारेमे सब जानकारी देने जा रहे है।

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जैसे की भक्तो, हम जानते है की हिंदू पंचांग की ग्यारहवी तिथि को एकादशी कहते हैं। यह तिथि मास में दो बार आती है।पूर्णिमा के बाद और अमावस्या के बाद। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को कृष्ण पक्ष की एकादशी और अमावस्या के बाद आने वाली एकादशी को शुक्ल पक्ष की एकादशी कहते हैं। इन दोने प्रकार की एकादशियों का भारतीय सनातन संप्रदाय में बहुत महत्त्व है।

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आज कौनसी एकादशी है? (which ekadashi is today?)

आज कौनसी एकादशी है? Which Ekadashi is Today and it's Important | 18/08/2021 | Ekadashi Date, time and Significance - Today ekadashi
  • आज ता. 17/09 /2021, शुक्रवार को परिवर्तनी एकादशी / पद्मा एकादशी है। 
  • सूर्योदय - 06:37  ISD (New Delhi)
  • ब्रह्म मुहूर्त - 04:61 AM
  • एकादशी प्रारम्भ - सुबह 09:36 AM , ता. 16/09/2021, Thursday 
  • एकादशी समाप्त - सुबह 08:07  AM , ता. 17/09/2021, Friday
  • पारणा समय - 18 सितंबर दिन शनिवार को सुबह 06:07 बजे से सुबह 06:54 बजे के बीच किया जा सकेगा. 

भाद्रपद शुक्लपक्ष परिवर्तनी एकादशी की महिमा और विधि  -

परिवर्तनी एकादशी के दिन सुबह स्नान आदि कर निवृत हो जाएं। स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद मंदिर की साफ सफाई कर पूर्व दिशा की तरफ एक चौकी रखें, उस पर पीला या लाल कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ती स्थापित करें। तथा भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें। पुष्प और तुलसी अर्पित करने के बाद भगवान विष्णु की आरती करें। भगवान को सात्विक चीजों का भोग लगाएं। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करना चाहिए, बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। ध्यान रहे इस दिन आप पूरे दिन निराहार रहकर शाम को फल ग्रहंण कर सकते हैं।

भगवान विष्णु की कृपा और इस व्रत के पुण्य से इस व्रत को विधि पूर्वक और श्रद्धा से करने वाले के सभी पाप नष्ट हो  जाते है और अंत में स्वर्ग के प्राप्ति होती है।

परिवर्तनी एकादशी व्रत  की पूजा विधि -

  1. परिवर्तनी एकादशी व्रत के दिन सुबह स्नान आदि कर पूजा स्थल पर बैठे। 
  2. पूजा बेदी पर भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित कर उनका गंगाजल से अभिषेक करें। 
  3. अब धूप,दीप, अगरवत्ती जलाकर आरती करें।
  4. अब भगवान विष्णु को उनकी प्रिय चीजें चढ़ाएं तथा मिष्ठान का भोग लगाएं।
  5. भगवान विष्णु के मन्त्रों का जाप करने के बाद आरती करें। 
  6. भगवान विष्णु को प्रणाम करते हुए पूजा समाप्त करें और प्रसाद वितरण करें। 

समापन - 

भक्तो, हमे आशा है की आपको हमारी ये पोस्ट मे आज कौनसी एकादशी है? (Which Ekadashi is Today?) ये सब हमने विस्तारसे बताया है तो ये लेख आपको पसंद आया होगी, यदि अभी आपके मन मे इस पोस्ट को लेकर आप चाहते है की इसमे कुछ सुधार की जरूरत है, तो  आप नीचे comments मे लिख सकते है। आपके इस सुजाव को हम तुरंत अनुकरण करके पोस्ट मे सुधार करेंगे। यदि आपको हमारा यह पोस्ट “आज कौनसी एकादशी है? (Which Ekadashi is Today?)” अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सीखने को मिला हो तो, अपनी प्रसनता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Media जैसे की Facebook, Twitter, Instagram और Whatsapp इत्यादिक पर Share जरूर कीजिए। धन्यवाद। 
II जय श्री कृष्ण II 

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