एकादशी का व्रत करने से क्या लाभ होता है? एकादशी का महत्व - Power of Ekadashi

Power of Ekadashi - एकादशी का व्रत करने से क्या लाभ होता है? 

एकादशी हर 15 दिन में एक बार (पूर्णिमा और अमावस्या का अगला दि ..

एकादशी हर 15 दिन में एक बार (पूर्णिमा और अमावस्या का अगला दि ..

एकादशी हर 15 दिन में एक बार (पूर्णिमा और अमावस्या का अगला दि ..

एकादशी हर 15 दिन में एक बार (पूर्णिमा और अमावस्या का अगला दि ..

जय श्री कृष्ण भक्तो, जैसा की हम जानते है के हर माह में 2 एकादशियां होती हैं अर्थात हमें माह में बस 2 बार और वर्ष के 365 दिनों में मात्र 24 बार ही नियमपूर्वक एकादशी व्रत रखना है। हालांकि प्रत्येक तीसरे वर्ष अधिकमास होने से 2 एकादशियां जुड़कर ये कुल 26 होती हैं। २६ एकादशी के लाभ (Power of ekadashi)भी एकादशी के अनुसार अलग अलग होता है।  

एकादशी का व्रत करने से क्या लाभ होता है एकादशी का महत्व - Power of Ekadashi

Benefits of Ekadashi - एकादशी के लाभ (महत्व)

पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति एकादशी करता रहता है, वह जीवन में कभी भी संकटों से नहीं घिरता और उसके जीवन में धन और समृद्धि बनी रहती है।

26 एकादशी के २६ फायदे और लाभ -Power of Ekadashi.

हर एक एकादशी व्रत के अलग अलग 26 फायदे हैं- जैसे की व्यक्ति निरोगी रहता है, राक्षस, भूत-पिशाच आदि योनि से छुटकारा मिलता है, पापों का नाश होता है। 

संकटों से मुक्ति मिलती है, सर्वकार्य सिद्ध होते हैं, सौभाग्य प्राप्त होता है, मोक्ष मिलता है, विवाह बाधा समाप्त होती है, धन और समृद्धि आती है, शांति मिलती है।  

मोह-माया और बंधनों से मुक्ति मिलती है, हर प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं, खुशियां मिलती हैं, सिद्धि प्राप्त होती है, उपद्रव शांत होते हैं, दरिद्रता दूर होती है, खोया हुआ सबकुछ फिर से प्राप्त हो जाता है, पितरों को अधोगति से मुक्ति मिलती है, भाग्य जाग्रत होता है, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, पुत्र प्राप्ति होती है, शत्रुओं का नाश होता है, सभी रोगों का नाश होता है, कीर्ति और प्रसिद्धि प्राप्त होती है, वाजपेय और अश्‍वमेध यज्ञ का फल मिलता है और हर कार्य में सफलता मिलती है। आइये जानते है २५ एकादशी के अलग अलग लाभ एवं उत्तम फल के बारेम विस्तारसे।  

चैत्र माह की  एकादशी के लाभ -

चैत्र माह में कामदा और पापमोचिनी एकादशी आती है। कामदा से राक्षस आदि की योनि से छुटकारा मिलता है और यह सर्वकार्य सिद्धि करती है तो पापमोचिनी एकादशी व्रत से पाप का नाश होता है और संकटों से मुक्ति मिलती है।

वैशाख माह की एकादशी के लाभ -

वैशाख में एकादशी वरुथिनी और मोहिनी एकादशी आती है। वरुथिनी सौभाग्य देने, सब पापों को नष्ट करने तथा मोक्ष देने वाली है तो मोहिनी एकादशी विवाह, सुख-समृद्धि और शांति प्रदान करती है, साथ ही मोह-माया के बंधनों से मुक्त करती है।

ज्येष्ठ माह की एकादशी के लाभ -

ज्येष्ठ माह में आनेवाली अपरा और निर्जला एकादशी आती है। अपरा एकादशी व्रत से मनुष्य को अपार खुशियों की प्राप्ति होती है तथा समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और निर्जला का अर्थ निराहार और निर्जल रहकर व्रत करना है। इसके करने से हर प्रकार की मनोरथ सिद्धि होती है।

आषाढ़ माह की एकादशी के लाभ -

आषाढ़ माह में आनेवाली योगिनी और देवशयनी एकादशी आती है। योगिनी एकादशी से समस्त पाप दूर हो जाते हैं और व्यक्ति पारिवारिक सुख पाता है। देवशयनी एकादशी का व्रत करने से सिद्धि प्राप्त होती है। यह व्रत सभी उपद्रवों को शांत कर सुखी बनाता है।

श्रावण माह की एकादशी के लाभ -

पवित्र श्रावण माह में कामिका और पुत्रदा एकादशी आती है। कामिका एकादशी का व्रत सभी पापों से मुक्त कर जीव को कुयोनि को प्राप्त नहीं होने देता है। पुत्रदा एकादशी करने से संतान सुख प्राप्त होता है।

भाद्रपद माह की एकादशी के लाभ -

भाद्रपद में आनेवाली अजा और परिवर्तिनी एकादशी आती है। अजा एकादशी से पुत्र पर कोई संकट नहीं आता, दरिद्रता दूर हो जाती है, खोया हुआ सबकुछ पुन: प्राप्त हो जाता है। परिवर्तिनी एकादशी के व्रत से सभी दु:ख दूर होकर मुक्ति मिलती है।

आश्विन माह की एकादशी के लाभ -

आश्‍विन माह में इंदिरा एवं पापांकुशा एकादशी आती है। पितरों को अधोगति से मुक्ति देने वाली इंदिरा एकादशी के व्रत से स्वर्ग की प्राप्ति होती है जबकि पापांकुशा एकादशी सभी पापों से मुक्त कर अपार धन, समृद्धि और सुख देती है।

कार्तिक माह की एकादशी के लाभ -

कार्तिक में रमा और प्रबोधिनी एकादशी आती है। रमा एकादशी व्रत करने से सभी सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी का व्रत करने से भाग्य जाग्रत होता है। इस दिन तुलसी पूजा होती है।

मार्गशीर्ष माह की एकादशी के लाभ -

मार्गशीर्ष में उत्पन्ना और मोक्षदा एकादशी आती है। उत्पन्ना एकादशी व्रत करने से हजार वाजपेय और अश्‍वमेध यज्ञ का फल मिलता है। इससे देवता और पितर तृप्त होते हैं। मोक्षदा एकादशी मोक्ष देने वाली होती है।

पौष माह की एकादशी के लाभ -

पौष में सफला एवं पुत्रदा एकादशी आती है। सफला एकादशी सफल करने वाली होती है। सफला व्रत रखने से अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है। पुत्र की प्राप्ति के लिए पुत्रदा एकादशी का व्रत करना चाहिए।

माघ माह की एकादशी के लाभ -

माघ में षटतिला और जया एकादशी आती है। षटतिला एकादशी व्रत रखने से दुर्भाग्य, दरिद्रता तथा अनेक प्रकार के कष्ट दूर होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है। जया एकादशी व्रत रखने से ब्रह्महत्यादि पापों से छुट व्यक्ति मोक्ष प्राप्त करता है तथा भूत-पिशाच आदि योनियों में नहीं जाता है।

फाल्गुन माह की एकादशी के लाभ -

फाल्गुन में विजया और आमलकी एकादशी आती है। विजया एकादशी से भयंकर परेशानी से व्यक्ति छुटकारा पाता है और इससे श‍त्रुओं का नाश होता है। आमलकी एकादशी में आंवले का महत्व है। इसे करने से व्यक्ति सभी तरह के रोगों से मुक्त हो जाता है, साथ ही वह हर कार्य में सफल होता है।

अधिकमास माह की एकादशी के लाभ -

अधिकमास माह में आनेवाली एकादशी पद्मिनी (कमला) एवं परमा एकादशी है। पद्मिनी एकादशी का व्रत सभी तरह की मनोकामनाओं को पूर्ण करता है, साथ ही यह पुत्र, कीर्ति और मोक्ष देने वाला उत्तम एकादशी है। परमा एकादशी धन-वैभव देती है तथा पापों का नाश कर उत्तम गति भी प्रदान करने वाली होती है।

समापन - 

भक्तो, हमे आशा है की आपको हमारी ये पोस्ट मे 26 एकादशी के लाभ के बारेमे जानकारी दी है? (Power of Ekadashi) ये सब हमने विस्तारसे बताया है तो ये लेख आपको पसंद आया होगी, यदि अभी आपके मन मे इस पोस्ट को लेकर आप चाहते है की इसमे कुछ सुधार की जरूरत है, तो  आप नीचे comments मे लिख सकते है। आपके इस सुजाव को हम तुरंत अनुकरण करके पोस्ट मे सुधार करेंगे। यदि आपको हमारा यह पोस्ट “२६ एकादशी के २६ लाभ (Power of Ekadashi)” अच्छा लगा हो या इससे आपको कुछ सीखने को मिला हो तो, अपनी प्रसनता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Media जैसे की Facebook, Twitter, Instagram और Whatsapp इत्यादिक पर Share जरूर कीजिए। धन्यवाद। 

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1 Comments

  1. The movement can be programmed by utilizing numerous software packages such as CAD/CAM or CAM2, which controls the motion of the X, Y, and Z-axis. CNC milling machines are often used for subtractive manufacturing processes such as engraving, jig grinding, and boring. Routing is used for the precision slicing of assorted supplies such as wooden, composites, aluminum, steel, and plastics. Once the Value Glass Teapots method has been set, the machine will execute the program, using the motion set by the G-code to take away material from the workpiece. This step can be very time-consuming depending on the variety of patterns would possibly be} getting used, and therefore requires cautious planning to ensure they don’t hinder each other.

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